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Way for Jain Sadhu-Sadhvi on Highways

 

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की घोषणा

विहार करने वाले जैन साधु-साध्वीजी के लिए राज्य में पगदंडी रास्ते बनाए जाएंगे

अहेम्दाबाद : विहार करने वाले जैन साधू-साध्वीजियों के साथ बार -बार होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में आखिर सरकार की नींद खुल गयी | गुजरात सरकार द्वारा २५० करोड़ खर्च कर पालीताणा तीर्थ से गिरियाधार तक २०० की.मी. लंबी एवं पगदंडी का निर्माण किया जाएगा इसके साथ ही अहेम्दाबाद से शंखेश्वर तीर्थ तक पगदंडी रास्ते का निर्माण भी किया जाएगा|

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पेटलाद तालुका के माणेज में श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ में मनोज लक्ष्मी परिवार द्वारा निर्मित मणि लक्ष्मी तीर्थ के द्वारोउद्घाटन के अवसर पर घोषणा की| श्री रूपाणी ने कहा की पैदल विचरण करने वाले धर्मचार्यों एवं धर्मप्रेमियों के होने वाले ये अकास्मत चिंता का विषय है| जिसके निराकरण हेतु पालीताणा तीर्थ से गिरियाधार तक २०० की.मी. लंबे पगदंडी रास्ते का निर्माण २५० करोड़ की राशी खर्च कर बनाई जाएगी| जैन समाज मांगने वाला नहीं देनेवाला समाज है| सरकार ने इस समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया है एवं जैन सहित तमाम समाज के गरीबों की जानकारी सरकार द्वारा ली जा रही है| गुजरात सरकार जीवनमात्र की चिंता करती है| जिसके लिए उत्तरायण के पहले राज्यव्यापी करुणा अभियान के तहत पक्षियों की जीवन रक्षा की गई थी| आध्यात्मिकों ने गुजरात का पोषण किया है| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जो प्रतिष्ठा बधाई है इसमें संतों-भगवंतों का मार्ग दर्शन है| अनुकंपा जैन समाज का स्वभाव है, ये ही हमारी संपति है एवं अहिंसक गुजरात हमारा लक्ष्य है| मणि लक्ष्मी तीर्थ के बारे में उन्होंने कहा की ये तीर्थ देश के लिए ताज के समान बनकर रहेगा| तेरा तुज को अर्पण की भावना को साकार करते हुए इस जिनालय की गणना देश के शेष्ठ जिनालयों में होगी| इस अवसर पर पावन निश्रा प्रदान करने वाले आचार्य श्री युगभूषणसुरिश्वर्जी म.सा. ने आशीर्वचन दिया| इसके साथ ही पालीताणा सहित अन्य जैन धर्मस्थलों में यात्रियों के लिए जरुरी सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी मुख्यमंत्री श्री रूपाणी से मांग की|

देश में दुर्घटनाओं से प्रतिवर्ष ४० से ५० जैन साधु साध्वीजी की मौत होती है

भारत में प्रतिवर्ष ४० से ५० एवं सिर्फ गुजरात में १५ जैन साधु साध्वीजी की विहार करने के दौरान मौत होती है| इस बारे में जानकारों का मानना है की विहार करने वाले साधु-साध्वीजी की मौत सुबह ही होती है क्योंकि इस समय पूरी रात ड्राईवर को ड्राइविंग करने के कारण थकान होती है और वे अपना संयम खो देते है| हाईवे होने के कारण समय पर इलाज की सुविधाएं नहीं मिलती | अब सरकार ने पगदंडी बनाने की घोषणा की है जिससे दुर्घटनाओं में कमी होने की संभावना है|

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